काशीपुर। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर के काशीपुर निवासी एक किसान सुखवंत सिंह के फेसबुक लाइव सुसाइड मामले ने तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार के कुशासन का नतीजा बताया है। अब पूरे मामले की जांच कुमाऊं रेंज आईजी रिदिम अग्रवाल को सौंपी गई है।
उत्तराखंड में उधम सिंह नगर के काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह के सोशल मीडिया लाइव पर सुसाइड के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार के कुशासन का नतीजा बताया है। मरने से पहले किसान सुखवंत सिंह ने एक लाइव वीडियो जारी कर कुछ लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस में शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
सीएम सख्त, मजिस्ट्रेटी जांच का निर्देश
इस घटना पर उत्तराखंड के सीएमओ ने कहा कि किसान आत्महत्या की दुखद घटना का गंभीर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को मामले की मजिस्ट्रेटी जांच का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री धामी ने साफ तौर पर कहा है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
कड़ी कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गलत काम पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस संबंध में मुख्यमंत्री धामी ने मुख्य सचिव आनंद बर्धन और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ से भी पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार इस मुश्किल समय में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दें
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को प्रभावित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है कि उन्हें न्याय मिले।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस ने बताया कि उधमसिंह नगर के काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह ने काठगोदाम के एक होटल में खुदकुशी कर ली। इस घटना के समय कमरे में उनकी पत्नी और बच्चा भी मौजूद थे। आत्महत्या करने से पहले किसान ने फेसबुक लाइव किया और दो दर्जन से अधिक लोगों पर पैसे ठगने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि उधमसिंह नगर पुलिस के अधिकारियों ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।
बच गई पत्नी और बेटा
पुलिस ने बताया कि घटना के वक्त होटल के कमरे में सुखवंत सिंह के साथ उनकी पत्नी प्रदीप कौर और 14 साल का बेटा भी मौजूद थे। पत्नी ने बताया कि रात करीब तीन बजे सिर पर चोट लगने से जब उनकी नींद खुली तो उन्होंने अपने पति को बहुत गुस्से में देखा। डर के मारे वह चिल्लाने लगीं और अपने बेटे को लेकर मदद के लिए रिसेप्शन की तरफ भागीं। उनके कमरे से बाहर निकलते ही सुखवंत सिंह ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और फिर कमरे के अंदर से गोली चलने की आवाज आई।
डॉक्टरों के पैनल से कराया पोस्टमार्टम
होटल प्रबंधक की सूचना पर जब पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचीए तो सुखवंत सिंह लहूलुहान हालत में मिले। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से गहरा सदमा लगने के कारण उनकी पत्नी और बेटे को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी चोटों का इलाज किया गया। नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के साथ कराया गया है। फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं।
4 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया
एसएसपी मंजूनाथ टीसी के अनुसार, सुसाइड से पहले सुखवंत सिंह ने वीडियो लाइव कर व्यथा सुनाई। वीडियो में उन्होंने जमीन सौदे में करीब 4 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया। किसान ने बताया कि उसे बक्सौरा गांव में सात एकड़ जमीन दिखाई गई थी लेकिन रजिस्ट्री किसी दूसरी जगह की कर दी गई। इस धोखाधड़ी में उनसे तीन करोड़ रुपये नकद और एक करोड़ रुपये बैंक के जरिए लिए गए। सिंह ने सभी आरोपियों के नाम लिए जो ठगी में शामिल थे।