Sat. Apr 5th, 2025

देश में नहीं अपितु विदेशों में भी पूजे जाते हैं बाबा नीम करोली : विकास गर्ग


(संवाददाता uk sahara)

देहरादून। नरेंद्र मोदी सेना सभा रजि. के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास गर्ग ने कहा आलौकिक शक्तियों के स्वामी, आध्यात्म और चमत्कार के धनी, हनुमान जी के परम उपासक बाबा नीम करोली जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि दी।

श्री गर्ग ने कहा नीम करोली बाबा उन आध्यात्मिक संतों में शुमार हैं, जिनके बारे में तमाम किवदंतियां हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले (अकबरपुर गांव) के रहने वाले नीम करोली बाबा को उनके भक्त हनुमान जी का अवतार भी बताते हैं। उनके भक्तों में देश-विदेश के तमाम दिग्गज शुमार हैं। जिनमें एपल के सीईओ स्टीव जॉब्स से लेकर हॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस जूलिया रॉबर्ट्स तक शामिल हैं। नीम करोली बाबा भले ही दुनिया में न हों, लेकिन उनके आश्रम कैंची धाम में अब भी भक्तों-श्रद्धालुओं का वैसा ही मजमा लगता है। बताया जाता है कि कैंची धाम की स्थापना बाबा ने साल 1964 में की थी।

विकास गर्ग ने आगे कहा नीम करोली बाबा के आराध्य थे हनुमान जी: कहा जाता है कि नीम करोली बाबा को 17 वर्ष की आयु में ही ईश्वर का साक्षात्कार हो गया था। वे बजरंगबली को अपना गुरु और आराध्य मानते थे। नीम करोली बाबा ने अपने जीवनकाल में करीब 108 हनुमान मंदिरों का निर्माण कराया। लाखों फॉलोअर्स के बावजूद वे आडंबर से दूर रहना पसंद करते थे और एक आम इंसान की तरह रहा रहते थे।

विकास गर्ग ने कहा नीम करोली बाबा किसी से अपना पैर नहीं छुवाते थे, जो कोई भी भक्त बाबा के पैर छूने के लिए आगे बढ़ता था वो उसको रोक देते थे। वो कहते थे कि मेरी जगह हनुमान जी का पैर छुओ वही कल्याण करेंगे।

श्री गर्ग ने कहा एप्पल के सीईओ स्टीव जॉब्स 1973 में भारत की यात्रा पर आए थे। कहते हैं कि जॉब्स सन्यास लेने के मन बना चुके थे, लेकिन कैंची धाम पहुंचते ही उनकी सोच में बदलाव आ गया। दरअसल, वह नीम करोली बाबा के दर्शन करने पहुंचे थे, लेकिन बाबा देहांत हो चुका था। बताया जाता है स्टीव जॉब्स कुछ दिन आश्रम में रुके और ध्यान- योग किया। इसी दौरान उन्हें एपल का आइडिया आया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *