जीएसटी दफ्तर में विजिलेंस टीम ने 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते डाटा क्लर्क को रंगे हाथ किया गिरफ्तार
हरिद्वार जीएसटी दफ्तर में विजिलेंस टीम ने 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते डाटा क्लर्क को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बंद हो चुकी एक कंपनी के टैक्स सेटलमेंट के नाम पर रकम मांगी गई थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने ट्रैप बिछाया और कार्यालय के भीतर ही कार्रवाई को अंजाम दिया।
जानकारी के अनुसार, बंद कंपनी के टैक्स निस्तारण के मामले में डाटा क्लर्क प्रमोद सेमवाल ने पीड़ित से 20 हजार रुपए की मांग की थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान से की। सत्यापन के बाद विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया। तय योजना के तहत जैसे ही आरोपी ने कार्यालय परिसर में रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस मामले में किसी अन्य कर्मचारी या बड़े नेटवर्क की भी भूमिका है।
बंद कंपनी के टैक्स निस्तारण के नाम पर मांगी रकम
जानकारी के अनुसार हरिद्वार निवासी एक व्यक्ति ने सतर्कता अधिष्ठान से शिकायत की थी कि उसकी बंद हो चुकी कंपनी के टैक्स सेटलमेंट के नाम पर 20 हजार रुपए की मांग की जा रही है। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया। जैसे ही आरोपित ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान पूरी राशि बरामद कर ली गई।
उपनल कर्मी बताया जा रहा आरोपित
गिरफ्तार डाटा क्लर्क प्रमोद सेमवाल को उपनल कर्मी बताया जा रहा है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ तेज कर दी गई है।
जांच का दायरा बढ़ा, नेटवर्क की भी पड़ताल
सतर्कता टीम अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या रिश्वतखोरी का यह मामला केवल एक कर्मचारी तक सीमित है या कार्यालय के भीतर कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।