24×7 अलर्ट रहकर जीआरपी ने किया अपने कर्त्तव्यों का कुशलता से निर्वहन, नहीं हुई कोई अनहोनी
जीआरपी द्वारा अन्य विभागों के साथ उच्च स्तर का समन्वय बनाते हुए आज श्रावण महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सकुशल सम्पन्न हुए मेले में दिन-रात मेहनत करते हुए शानदार कार्य किया।
विस्तृत फैले जीआरपी क्षेत्रांतर्गत सीमित प्लेटफार्म में असीमित कांवड़ियों का सैलाब आया जिसको जीआरपी द्वारा रेलवे विभाग, आरपीएफ, आईआरबी, बीडीएस, एटीएस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बिना किसी दुर्घटना के सकुशल रेलवे स्टेशनों से रवाना किया।
इस वर्ष कांवड़ मेले में लगभग 20 लाख से अधिक कांवड यात्रियों का रेल के माध्यम से आवागमन हुआ।
सम्पूर्ण जीआरपी कांवड मेला क्षेत्र को 02 सुपर जोन, 03 जोन व 06 सैक्टरों में विभाजित किया गया था।
यात्रा के दौरान जीआरपी द्वारा किये गये सराहनीय कार्य
कांवड यात्रा के दौरान लगभग ₹500000 कीमत के 36 मोबाईल फोन्स को खोजकर कांवड यात्रियों के सुपुर्द किया गया है।
अपने परिजनों से बिछुडे 70 महिला पुरूष व बच्चों को परिजनो से मिलवाकर उनके चेहरे की खुशी लौटाई गई है।
270 बैग/पर्स/कपड़ा आदि जो यात्रियो के खो/छूट गये थे उनको भारी भीड़ में खोजकर वापस किये गये। यात्रियों द्वारा तहे दिल से जीआरपी का धन्यवाद बोला गया।
रेलवे स्टेशनों पर आने वाले 100 से अधिक बुजुर्गों व असहाय व्यक्तियों को प्लेटफॉर्म, ट्रेन व कोच तक पहुँचाने में सहायता की गयी तथा बीमार व्यक्तियो/काँवडियो को 108 के माध्यम से नजदीकी अस्पताल में उपचार हेतु भिजवाया गया।
यात्रा के दौरान कावड़ियों के वाहनों द्वारा जगह-जगह रेलवे फाटक को पहुंचाए गए नुकसान को यथाशीघ्र जीआरपी द्वारा तत्परता से सहयोगी टीमों के साथ मिलकर ठीक करवाकर, यात्रियों के आवागमन हेतु सुचारु किया गया। जिस कारण कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई।
40 से अधिक असामाजिक एवं आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को रेलवे स्टेशन परिसर से किया गिरफ्तार
हजारों की संख्या में पैदल कांवड़ यात्री शॉर्टकट रूट अपनाकर अपनी जान को जोखिम में डालते हुए रेलवे ट्रैक पर चल रहे थे जिनको जीआरपी द्वारा सुरक्षित मार्गो से भेजा गया जिस कारण कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई।