घर पर बालिका को बेहोश कर लाखों की चोरी करने की घटना निकली झूठी, अब झूठी FIR करने को लेकर शिकायत कर्ता के विरुद्ध होगी कार्यवाही
विकासनगर। दिनांक 3/09/2023/ को वादी जितेंद्र चौधरी पुत्र शेर सिंह चौधरी निवासी लेन नंबर 4 आदर्श कॉलोनी लाइन जीवनगढ़ विकासनगर देहरादून ने सूचना दी की जब वह समय 3:30 बजे से 4:30 के मध्य अपने रिश्तेदारों को छोड़ने हरबर्टपुर गया था तब घर पर वादी अपनी 14 वर्षीय भांजी को छोड़कर आया था,और जब हरबर्टपुर से वापस आया तो देखा कि गेट बन्द है तथा घर के अंदर आवाज लगाई तो कोई बाहर नही आया तब वादी जितेंद्र द्वारा किसी को दीवार से चडाकर गेट को किसी तरह से खुलवाकर चैक किया तो अंदर वादी की 14 वर्षीय भांजी किचन के पास बेहोश पड़ी थी और चाय का बर्तन,नमकीन और चाय गिर कर फर्स पर पड़ी थी और दोनों कमरों का सामान बिखरा पड़ा था और गोदरेज को अलमारी का ताला खोलकर आलमारी में रखी बड़ी मात्रा में नगदी और ज्वैलरी चोरी हो गई थी सीसीटीवी बंद थे घर की लाइट बंद थी तथा वादी द्वारा उक्त चोरी का शक अपने भाई वीरेंद्र चौधरी पर और भतीजे कुणाल पर लगाया गया था,उक्त तहरीर के आधार पर कोतवाली विकासनगर में मुकदमा अपराध संख्या – 353/23/ धारा 328,380 ipc बनाम वीरेंद्र चौधरी आदि पंजीकृत किया गया जिसकी विवेचना SI अर्जुन सिंह गुसाईं चौकी प्रभारी डाकपत्थर के सुपुर्द की गई।
वादी की 14 वर्षीय भांजी द्वारा बताया था कि जब वह किचन में पानी पीने गई तो पीछे से 3 लोगों के द्वारा उसको किचन में ही कुछ सुंघाकर बेहोश कर दिया था लेकिन गोदरेज की अलमारी के पास सिंदूर गिरी थी और सिंदूर की डिब्बी बंद थी जबकि घटना के बाद उक्त बालिका के हाथ ,मुंह और कपड़ों में सिंदूर लगी थी जिसका उक्त बालिका स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रही थी।
वादी और गवाहों के बयानों और मौके की स्थिति और आस पड़ोस के लोगों के बयानों से उक्त घटना संदिग्ध प्रतीत हो रही थी जिसकी सत्यता हेतु पुनः हर पहलू की जांच की गई तो पुनः पूछताछ में घटना के गवाह वादी की भांजी (बालिका) द्वारा अपने परिवार के समक्ष घटना की सही जानकारी देते हुए बताया कि वादी जितेंद्र कुमार द्वारा घर से निकलने से पूर्व अपनी भांजी को बताया था कि जब सब घर से बाहर चले जाएं उसको 20,25 मिनट बाद घर का सामान बिखेर कर,गोदरेज की आलमारी से कपड़े और ज्वैलरी के खाली पड़े डिब्बे फर्स पर बिखेर देना और सीसीटीवी कैमरे बंद कर देना और अपने आप बेहोश होने का नाटक करना जिससे की देखने पर लगे की घर पर चोरी की घटना हुई है बालिका द्वारा अपनी माता को उपस्थिति में बताया को उसने अपने मामा जितेंद्र चौधरी के कहने पर चोरी की झूठी कहानी बनाई थी।
अन्य गवाह दिल कुमार द्वारा भी अपनी दीदी जीजा की उपस्थिति में बताया की जब वह हरबर्टपुर से वादी के साथ आया तो घर पर समान बिखरा हुआ था और बालिका बेहोश थी जब उसको अस्पताल ले जाने के बाद घर लाया जा रहा था तो जितेंद्र चौधरी द्वारा दिल कुमार को बताया की यदि पुलिस पूछे तो बताना की मैंने 5 लाख रूपये त्यूणी से लाकर जितेंद्र को दिए थे ज्वैलरी के अतिरिक्त वह 5 लाख रुपए भी चोरी हो गए थे,दिल कुमार द्वारा बताया की उसने जितेंद्र कुमार के कहने पर पुलिस से झूठ बोला था।