देहरादून। पिछले कई दिनों से उत्तराखंड के अंदर सियासी बवाल मचा हुआ है इस बवाल के पीछे राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के साथ कहीं ना कहीं पीसीएस अधिकारी डॉ मेहरबान सिंह बिष्ठ जिम्मेदार हैै।
आपको बता दें सूचना महानिदेशक बनने के बाद मेहरबान सिंह बिष्ट ने मीडिया से इस तरह से बेरुखी दिखाई की मीडिया के लोगों से मिलना भी वह मुनासिब नहीं समझते।
इतना ही नहीं अपने कुछ चाटुकार पत्रकारों के साथ विज्ञापन की बंदरबांट में मैं लगे रहते हैं कोरोना कॉल में आया बजट भी एसओपी के मुताबिक ना देकर कई ऐसे घरानों को विज्ञापन जारी कर दिया जो न्यूज़ पोर्टल खबरों तक को अपडेट नही करते।
आपको बता दें डीजी सूचना मेहरबान सिंह बिष्ट एक पीसीएस अधिकारी हैं जो सूचना विभाग की आईएएस सीट पर विराजमान हैं।
इस ओर भी ध्यान दे
उत्तराखंड में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री के पद से त्यागपत्र दे दिया है। मंगलवार को त्रिवेंद्र सिंह रावत ने देहरादून में राजभवन पहुंचकर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य को अपना त्यागपत्र सौंप दिया। भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात करने के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत मंगलवार सुबह ही दिल्ली से देहरादून वापस लौटे हैं। त्रिवेंद्र सिंह रावत को सोमवार को दिल्ली तलब किया गया था जहां पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा तथा उत्तराखंड से भाजपा सांसद अनिल बलूनी के साथ मुलाकात की थी। अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इसको लेकर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से आब्जर्बर के तौर पर पार्टी नेता रमन सिंह को देहरादून भेज दिया गया है।
भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड में पार्टी नेताओं, विधायकों और सांसदों का राज्य के नेतृत्व के बारे में मन टलोलने के लिए केंद्रीय ऑबजर्बर देहरादून भेजे थे। केंद्रीय ऑब्जर्बर के तौर पर भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और पार्टी के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम को भेजा हुआ था। उन दोनों नेताओं ने राज्य में पार्टी के सभी नेताओं के साथ बात करके अपनी रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दी थी। अब क्योंकि त्रिवेंद्र सिंह रावत ने त्यागपत्र दिया है तो बड़ा सवाल है कि उत्तराखंड का अलगा मुख्यमंत्री कौन होगा।
भाजपा के केंद्रीय प्रभारी जब देहरादून गए थे तो उन्होंने अन्य पार्टी नेताओं के साथ युवा भाजपा नेता और श्रीनगर गढ़वाल से विधायक तथा मौजूदा सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत के साथ भी मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि धन सिंह रावत का नाम अगले मुख्यमंत्री के तौर पर सबसे आगे है। इसके अलावा पार्टी सांसद अनिल बलूनी, तथा कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए सतपाल महाराज का नाम भी आगे चल रहा है।