ऑपरेशन प्रहार,जनशक्ति मल्टीस्टेट/मल्टीपरपज कोपरेटिव सोसायटी के नाम पर करोडों रू0 की धोखाधड़ी, पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार

ऑपरेशन प्रहार,जनशक्ति मल्टीस्टेट/मल्टीपरपज कोपरेटिव सोसायटी के नाम पर करोडों रू0 की धोखाधड़ी, पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार

उत्तरकाशी। रविवार को वादी रमेश जगूड़ी की तहरीर के आधार पर कोतवाली उत्तरकाशी में जनशक्ति मल्टीस्टेट कोपरेटिव सोसायटी लिमिटेड नामक कम्पनी के अध्यक्ष कपिल देव राठी सहित 07 लोगों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया गया था, जिसमें उक्त अभियुक्तगणों द्वारा स्थानीय लोगों को लालच देकर पैसे जमा कराये गये तथा पैसे जमा करने के बाद मैच्योरटी पूरी होने पर पैंसे वापस न करने व धोखाधड़ी कर पैसे लेकर फरार हो गये।
मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण अर्पण यदुवंशी पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी के दिशा-निर्देशन में अभियुक की गिरफ्तारी एवं बरामगदी हेतु अनुज कुमार, पुलिस उपाधीक्षक उत्तरकाशी एवं प्रशान्त कुमार, पुलिस उपाधीक्षक ऑपरेशन के निकट पर्यवेक्षण में अलग-अलग टीमें नियुक्त की गयी। पुलिस टीमों द्वारा अभियुक्त गणों की गिरफ्तारी हेतु सम्भावित क्षेत्र हरियाणा, दिल्ली, देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी आदि स्थानों पर कई बार दबिश दी गयी।* अभियुक्त शातिर प्रवृत्ति का होने के कारण गिरफ्तारी से बचता रहा।

लगातार फरार चल रहे नवीन देसवाल निवासी नरेला दिल्ली की गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी द्वारा अभियुक्त पर 25000 रु0 का ईनाम घोषित किया गया।

कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार, एसओजी प्रभारी खजान सिंह चौहान एवं एएचटीयू प्रभारी निरीक्षक मदन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में गठित कोतवाली उत्तरकाशी एवं SOG की संयुक्त टीम द्वारा सुरागरसी पतारसी करते हुये जानकारी जुटाकर सम्भावित क्षेत्रों में दबिश देते हुये दिनांक गत शनिवार को प्रकरण के मुख्य आरोपी डायरेक्टर नवीन देसवाल निवासी नरेला दिल्ली को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया।अभियुक्त को न्यायालय देहरादून के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अभियुक्त के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।

अभियुक्त के विरुद्ध अन्य जनपदों में भी अभियोग पंजीकृत है एवं अन्य जनपदों से NBW भी जारी किये गए थे। प्रकरण मे 07 अभियुक्त नामजद थे, जिनमें से 04 को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है तथा 02 अभियुक्तों की मृत्यु हो चुकी है। उक्त पूरे प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुये मामले में SIT का गठन किया गया था एवं विवेचना में धारा 406/420/120(B)/504 IPC के अतिरिक्त 4/22 BUDS Act एवं 3 UPID Act की बढोतरी की गई, सम्पूर्ण विवेचनात्मक कार्यवाही के दौरान करीब 17 करोड 72 लाख रु0 का फ्रॉड सामने आया, करीब 5 से 6 हजार लोग इस पूरे फाइनेंशियल फ्रॉड से प्रभावित हुये।

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